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संजय कुमार की पुस्तक 'कटिहार टू कैनेडी' का लोकार्पण एवं परिचर्चा

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'कटिहार टू कैनेडी : द रोड लेस ट्रैवेल्ड' एक आम व्यक्ति की विशिष्ट यात्रा की कहानी है.
डॉ. संजय कुमार की पुस्तक 'कटिहार टू कैनेडी: द रोड लेस ट्रैवेल्ड' का लोकार्पण एवं परिचर्चा का आयोजन 5 अप्रैल को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में किया जाएगा। वाणी प्रकाशन के अंग्रेज़ी उपक्रम वाणी बुक कंपनी ने इस पुस्तक का प्रकाशन किया है। संजय कुमार वर्तमान में द लक्ष्मी मित्तल एंड फ़ैमिली साउथ एशियन इंस्टीट्यूट, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के भारतीय निदेशक हैं।

पुस्तक लोकार्पण के उपरान्त एक परिचर्चा का आयोजन किया जायेगा जिसका विषय है-‘भारत में ज़मीनी विकास : नयी सहस्त्राब्दी की कथा’। परिचर्चा में भाग लेंगे- लेखक एवं राजनीतिज्ञ पवन कुमार वर्मा, रचनाकार एवं पटकथा लेखक अद्वैता काला, शिव नादर स्कूल की प्राचार्य शशि बनर्जी एवं जन समुदाय की प्रतिनिधि कारी-बेन। संचालन सौम्या कुलश्रेष्ठ करेंगी।

'कटिहार टू कैनेडी : द रोड लेस ट्रैवेल्ड' एक आम व्यक्ति की विशिष्ट यात्रा की कहानी है, जहाँ वह अपने संघर्ष और अथक परिश्रम के बल पर बिहार के छोटे से शहर कटिहार से निकलकर कैनेडी तक की यात्रा करता है। यह आत्मकथा एक व्यक्ति के आन्तरिक और बाह्य विकास की कथा है, जहाँ अपनी ग़लतियों से सीखते हुए वह आगे बढ़ता जाता है और अपनी प्रतिभा और जज़्बे के दम पर कैम्ब्रिज़ के हार्वर्ड कैनेडी स्कूल में दाख़िला ले पाने में सफल होता है। इस पुस्तक में एक व्यक्ति की अन्तर्यात्रा, उसका मनोविज्ञान, उसके जीवन के हार-जीत के क्षण इस तरह वर्णित किये गये हैं कि यह सिर्फ़ एक व्यक्ति की कथा नहीं रह जाती बल्कि उन सभी व्यक्तियों की कथा बन जाती है जो सीमित संसाधनों और अभावों के बीच भी निरन्तर ख़ुद को परिष्कृत करते रहते हैं और अन्ततः अपने लक्ष्य को प्राप्त करते हैं, तथा स्वयं के साथ-साथ समाज के वंचित समूह के विकास के लिए भी प्रतिबद्ध होते हैं।
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यह पुस्तक यहां से प्राप्त करें 
मार्क माय बुक : https://markmybook.com/book.php?book=136983
अमेज़न : https://amzn.to/2OKDNF4

संजय कुमार के बारे में 
संजय कुमार द लक्ष्मी मित्तल एंड फ़ैमिली साउथ एशियन इंस्टीट्यूट, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के भारतीय निदेशक हैं। कटिहार के डॉ. संजय कुमार को अमेरिका केहार्वर्ड विश्वविद्यालय ने मास्टर इन पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में पीजी पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद मैसन फैलो उपाधि से सम्मानित किया है। स्व. बैद्यनाथ प्रसाद सिंह एवं शीला देवी के पुत्र संजय ने स्कूली शिक्षा शहर के हरिशंकर नायक उच्च विद्यालय से पूरी की। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीतिशास्त्र में पीजी एवं जेएनयू से एमफिल एवं पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। सेवा भारत संस्था से जुड़ कर उन्होंने असंगठित क्षेत्र की महिला श्रमिकों के लिए देश के विभिन्न प्रदेशों में कई काम किये। राष्ट्रीय अख़बारों में वह निरन्तर सामाजिक मुद्दों पर लिखते रहते हैं।

वाणी बुक कम्पनी के बारे में 
वाणी बुक कम्पनी, वाणी प्रकाशन का अंग्रेज़ी उपक्रम है. यह वाणी प्रकाशन के विगत 56 वर्षों की महत्वपूर्ण उपलब्धियों को सँजोते हुए निरन्तर विकास के पथ पर अग्रसर है एवं अन्तर्राष्ट्रीय प्रकाशन जगत तथा भारत के बीच सेतु की तरह कार्यरत है। अपने पाठकों को सर्वोत्कृष्ट साहित्य प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को कायम रखते हुए, वाणी बुक कम्पनी ने अब तक चार महत्वपूर्ण कृतियाँ प्रकाशित की हैं-

1. द रिटर्न – नरेन्द्र कोहली की नौ खण्डों की गाथा-महासमर से ‘अधिकार’ का अंग्रेज़ी अनुवाद.

2. कटिहार टू कैनेडी- डॉ. संजय कुमार की आत्मकथा।

3. मीरा वर्सेज़ मीरा- माधव हांडा द्वारा मीराबाई का एक सशक्त स्त्री के रूप में चित्रण।

4. कन्वर्सेशन ऑफ़ मॉडर्निज्म- रचनाकार एवं शिक्षाविद् सुकृता पॉल कुमार द्वारा लिये गये साक्षात्कार।