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'कविता जब मौक़ा देखती है तो बाहर आ जाती है' -अशोक चक्रधर

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जाने-माने हास्य कवि अशोक चक्रधर ने अपनी कविताओं का पाठ भी किया.
विश्व पुस्तक मेले में पद्मश्री सुप्रसिद्ध कवि अशोक चक्रधर के कविता संग्रह 'तू समझ गई ना! का लोकार्पण व परिचर्चा की गयी।

इस दौरान मंच पर उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष व विद्वान लेखक हृदयनारायण दीक्षित, वाणी प्रकाशन ग्रुप के प्रबन्ध निदेशक अरुण माहेश्वरी, चर्चित स्त्रीवादी लेखिका तसलीमा नसरीन आदि विद्वान उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सौम्या कुलश्रेष्ठ ने किया।

जाने-माने हास्य कवि अशोक चक्रधर ने अपनी कविताओं का पाठ किया। कार्यक्रम के दौरान अशोक चक्रधर के प्रशंसकों व दर्शकों की काफ़ी गहमागहमी थी। यह सही है कि ‘कविता जब मौक़ा देखती है तो बाहर आ जाती है’ कविता के साथ अशोक जी ने काव्य पाठ किया और इसी के साथ चर्चित लेखिका तसलीमा नसरीन ने भी अपनी कविता का पाठ किया।