Header Ads

banner image

प्रवीण झा की चर्चित पुस्तक 'कुली लाइन्स' पर बैठक

coolie-lines-praveen-jha
'कुली लाइन्स' विश्व के सबसे बड़े पलायन और आप्रवास के विषय में गहराई से बताती है जिसे भुला दिया गया.
युवा रचनाकार, पेशे से चिकित्सक एवं इतिहासवेत्ता डॉ. प्रवीण कुमार झा की विदेश की भूमि पर गये कर्मवीर गिरमिटियों पर आधारित शोधपरक पुस्तक 'कुली लाइन्स' पर एक बैठक 30 जुलाई को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगीतज्ञ एवं साहित्य अध्येता पद्मश्री मालिनी अवस्थी द्वारा की जाएगी। युवा लेखक व कला विशेषज्ञ यतीन्द्र मिश्र कार्यक्रम के मुख्य वक्ता होंगे। कार्यक्रम का संचालन वाणी प्रकाशन की प्रधान सम्पादक रश्मि भारद्वाज करेंगी।

प्रवीण झा की पुस्तक 'कुली लाइन्स' इस साल की सर्वाधिक पढ़ी गयी किताबों में शामिल है। लेखक ने गहन शोध के द्वारा इस दस्तावेज़ को तैयार किया है। इसके लिए उन्हें लंबी-लंबी यात्रायें करनी पड़ी जिसमें बहुत समय लगा। उन्होंने जम़ीनी पड़ताल की है ताकि इतिहास की अनकही दास्तानों को सामने लाया जाए।
praveen-jha-coolie-lines-book

जरुर पढ़ें : विदेश से कभी वापस न लौटने वाले लाखों भारतीयों का इतिहास

'कुली लाइन्स' विश्व के सबसे बड़े पलायन और आप्रवास के विषय में गहराई से बताती है जिसे भुला दिया गया। गिरमिटया इतिहास को एक तरह से प्रवीण झा ने समेटने की कोशिश की है जिनके बारे में इतना कहीं पढ़ने को नहीं मिलेगा। यह किताब हमें सूरीनाम, मॉरीशस, फिजी, दक्षिण अफ्रीका, कनाडा आदि देशों में बसे उन लाखों भारतीयों की कहानी कहती है जिन्होंने भारत से पलायन किया।

प्रवीण झा ने एक सामाजिक व्यंग्य-संग्रह ‘चमनलाल की डायरी', और दो यात्रा संस्मरण-आइसलैण्ड और नीदरलैण्ड पर भी लिखे हैं।

किताब यहां से प्राप्त करें : https://amzn.to/2EDaIaT