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विश्व पुस्तक मेला 2019 में वाणी प्रकाशन

world book fair delhi 2019
विश्व पुस्तक मेले में वाणी के स्टॉल पर जयपुर बुक मार्क साथ होगा.
वाणी प्रकाशन अपने 55 वर्ष के साहित्यिक-सांस्कृतिक सफ़र में हिन्दी के गौरव के लिए सक्रिय और संकल्पित है। हिन्दी विश्व की आज दूसरी बड़ी भाषा है। वाणी प्रकाशन किताबों की बदलती दुनिया के साथ हमक़दम है। वाणी प्रकाशन की गहरी प्रतिबद्धता अपने पाठकों तक पहुँचने की रही है। वाणी प्रकाशन की किताबों की उपस्थिति आज 3 लाख से अधिक गाँवों, 2,800 क़स्बों, 54 शहरों के साथ 12 मुख्य ऑनलाइन स्टोर्स के माध्यमों से पाठकों के बीच है। साहित्य अकादेमी, नोबल पुरस्कार तथा अन्य राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्बन्धित किताबें और उनके लेखक यहां से प्रकाशित हो रहे हैं। आज प्रिण्ट, इलेक्ट्रॅानिक और आडियो प्रारूप की 6000 से अधिक किताबें पाठकों के लिए उपलब्ध हैं। ‘हिन्दी महोत्सव’ का देश-विदेश में अनवरत आयोजन करने वाला वाणी फ़ाउण्डेशन पहला न्यास है।

विगत तीन वर्षों से यह महत्वाकांक्षी समारोह दिल्ली के अलावा यू.के. में भी किया गया है। वाणी फ़ाउण्डेशन, यू.के., हिन्दी समिति, वातायन और यू.के. के सान्निध्य में वर्ष 2018 का आयोजन क्रमशः लन्दन ऑक्सफोर्ड, बर्मिंघम और स्लोह में हुआ, जिसे करने में वाणी फ़ाउण्डेशन अग्रणी है।

‘वाणी फ़ाउण्डेशन’ की एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है भारतीय भाषाओं से हिन्दी व अंग्रेजी में श्रेष्ठ अनुवाद का कार्यक्रम। इसके साथ ही इस न्यास के द्वारा प्रतिवर्ष डिस्टिंगविश्ड ट्रांसलेटर अवार्ड भी प्रदान किया जाता है जिसमें मानद पत्र और एक लाख रुपये की राशि अर्पित किये जाते हैं। वर्ष 2017 के लिए यह सम्मान सुप्रसिद्ध लेखिका अनामिका को दिया गया है।

‘वाणी फ़ाउण्डेशन’ पुस्तकों के प्रसार, विचार-विमर्श और आयोजन अभियान में ‘जयपुर बुक मार्क’ का विश्वस्त सहयोगी है। विश्व पुस्तक मेले में वाणी के स्टॉल पर जयपुर बुक मार्क साथ होगा।

विश्व पुस्तक मेले में वाणी प्रकाशन की चुनिन्दा नयी किताबें :
विश्व पुस्तक मेले के अवसर पर वाणी प्रकाशन कई महत्त्वपूर्ण किताबों के साथ पाठकों से रूबरू होगा। वर्ष 2019 में पाठकों के लिए जहाँ एक ओर स्थापित और युवा लेखकों के सृजनात्मक लेखन के नये आयाम व रंग होंगे वहीं बदलते समय के प्रासंगिक विषयों की किताबें होंगी। इतिहास, समाजशास्त्र, धर्म, विज्ञान पर नये विमर्श का आलोक होगा। इन किताबों से नये विचार-विमर्श को केन्द्रीय परिदृश्य में लाने का एक सपना साकार होगा। दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक लेखकों ने चिन्तन को एक नया परिप्रेक्ष्य दिया है और ये विषय न केवल महत्त्वपूर्ण हैं बल्कि अपरिहार्य हैं। हिन्दी समाज को अधिक चिन्तनशील दिशा में ले जाना वाणी प्रकाशन का प्रमुख ध्येय है। आज समाज नये सत्यों के अन्वेषण का आकांक्षी है। इसका प्रतिबिम्ब साहित्य में भी आकार ले रहा है। अपने प्रयास में वाणी प्रकाशन हाशिये के जीवन-समाज के प्रति अधिक संवेदनशील और गम्भीर है। नयी पीढ़़ी यानि किशोर वर्ग और बच्चे हमारा भविष्य हैं। इनके अध्ययन की बदलती दिशाओं के गतिशील समय में हम बाल साहित्य को एक ओर सृजनात्मक, प्रयोगशील और प्रगतिशील नज़रिये से प्रस्तुत कर रहे हैं तो वहीं युवा रचनाकारों की नयी सोच को प्रस्तुत कर रहे हैं। कुल मिलाकर हिन्दी के नवजागरण को, वाणी प्रकाशन विश्व स्तर ले जाने पर के लिए कटिबद्ध है।

लेखक नरेन्द्र कोहली

वाणी प्रकाशन के कार्यक्रम :
हॉल नं.-12ए , स्टॉल : 254-269
प्रगति मैदान, दिल्ली

6 जनवरी- 2019 
(समय - 2:00 से 3:15 बजे अपरान्ह)
शायर मनोज मुंतशिर की ताज़ा किताब पर अदिति माहेश्वरी-गोयल का लेखक से संवाद।

(2:00 से 3:00 बजे अपरान्ह)
सुप्रसिद्ध लेखक नरेन्द्र कोहली से वाणी प्रकाशन के स्टॉल पर संवाद।

लेखिका सुनीता बुद्धिराजा

(5:00 से 6:00 बजे सायं)
लेखिका सुनीता बुद्धिराजा से किताब पर वाणी प्रकाशन के स्टॉल पर संवाद।

7 जनवरी-2019
(2:00 से 3:00 बजे अपरान्ह)
भगवानदास मोरवाल की पुस्तक ‘सुर-बंजारन’ पर वाणी प्रकाशन के स्टॉल पर लेखक से संवाद।

(4:00 से 5:00 बजे अपरान्ह)
गोपेश्वर सिंह की किताब ‘आलोचना के परिसर’ पर वाणी प्रकाशन के स्टॉल पर लेखक से संवाद।

आशिष नन्दी और अभय कुमार दुबे

9 जनवरी 2019
(2:00 से 3:00 बजे अपरान्ह)
‘ज़िगरी दुश्मन’ किताब के लेखकों -आशिष नन्दी और अभय कुमार दुबे से वाणी प्रकाशन के स्टॉल पर संवाद।

(4:00 से 5:00 बजे अपरान्ह)
‘प्रत्यंचा’ उपन्यास के लेखक संजीव से वाणी प्रकाशन के स्टॉल पर संवाद।

10 जनवरी- 2019
(2:00 से 3:15 बजे अपरान्ह)
‘दस्तक’-समकालीन नुक्कड़ नाटकों के संग्रह पर लेखक अरविन्द गौड़ से संवाद व प्रस्तुति।

(4:00 से 5:00 बजे अपरान्ह)
मोहनदास नेमिशराय की आत्मकथा ‘रंग कितने, संग मेरे’ पर वाणी प्रकाशन के स्टॉल पर लेखक से संवाद।

11 जनवरी  2019
(2: 00 से 3:00 अपरान्ह)
सुप्रसिद्ध लेखक यतीन्द्र मिश्र से मिलिए।

(4: 00 से 5:00 बजे अपरान्ह)
‘तितलियों का शोर’ कहानी संग्रह के लेखक हरिओम से वाणी प्रकाशन के स्टॉल पर संवाद।

12 January 2019
Jaipur Book Mark in association Vani Foundation
Author's corner, Hall no. 11, Pragati Maidan, Delhi
The Great Indian Book Bazar
Introduction by Aditi Maheshwari Goyal

‘Jaipur BookMark comes to the New Delhi World Book Fair Platform for the very first time to celebrate the diversity in Indian publishing. With more than 9,000 publishers to serve nearly 1.3 billion readers, the book trade is now worth $6.76 billion, according to Nielsen estimates. Educational books lead the way in a sector that is set to grow at an average annual growth rate of 19.3% until 2020. Publishers, distributors and book trade pundits take on the challenges that unite us.’

(2:00 से 3:00 बजे अपरान्ह)
‘अश्याम’ उपन्यास के लेखक राकेश मढ़ोत्रा से वाणी प्रकाशन के स्टॉल पर संवाद।

(4:00 से 5:00 बजे अपरान्ह)
‘आँसू का वज़न’ केदारनाथ सिंह के अन्तिम कविता संग्रह पर वाणी प्रकाशन के स्टॉल पर चर्चा।

13 जनवरी –2019
(12:00  से 1: 00 बजे दोपहर)
विजया शर्मा से उनकी किताब ‘होलोकास्ट’ (नाज़ी यातना शिविरों की त्रासद गाथा) पर वाणी प्रकाशन के स्टॉल पर संवाद।

(2:00 से 3:00 बजे अपरान्ह)
‘दर्पण अभी काँच ही था’ तेजी ग्रोवर के नये संग्रह पर लेखक से वाणी प्रकाशन के स्टॉल पर संवाद।