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‘दैनिक जागरण संवादी’ : नीतीश बोले -''बिहार के कोने-कोने में ज्ञान छुपा है"

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इस अवसर पर दैनिक जागरण ज्ञानवृति के तीन शोधार्थियों के नामों की भी घोषणा की गयी.

अभिव्यक्ति के दो  दिवसीय उत्सव ‘दैनिक जागरण संवादी’ का उद्घाटन पटना  के तारामंडल में बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किया गया. मुख्यमंत्री द्वारा दैनिक जागरण हिंदी बेस्टसेलर की चौथी सूची की भी घोषणा की गयी, लेखक –सत्य व्यास ‘बनारस टॉकीज’,विवेक अग्रवाल ‘मुं भाई’ और चेतन भगत ‘वन इंडियन गर्ल’ तीन श्रेणियों कथा, कथेतर और अनुवाद में शीर्ष पर हैं.

हिंदी भाषा को लेकर जारी मुहीम 'हिंदी है हम' के तहत दो दिन का पटना के तारामंडल में बिहार संवादी का आयोजन हो रहा है. संवादी बिहार के लेखकों, कलाकारों, संस्कृतिकर्मियों का अपना मंच है  जहां वो साहित्यक, सामाजिक सांस्कृतिक मसलों पर संवाद कर रहे हैं. संवादी बिहार में बिहार के लेखकों की रचनात्मकता बेहतर तरीके से दुनिया के सामने लाने का उपक्रम भी होगा और इस उत्सव में स्थानीय प्रतिभा को तरजीह देते हुए बिहार की कथा भूमि पर चर्चा होगी.

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इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, “बिहार के रचनाकारों को राष्ट्रीय मंच देने का प्रयास अत्यंत सराहनीय है. उन्होंने कहा कि बिहार के कोने-कोने में ज्ञान छुपा है तथा उसे प्रकाश में लाने के लिए सरकार प्रयासरत है”. उन्होंने आगे कहा “बिहार के ज्ञान और कलाओं की छाप जापान तथा अन्य देशों में भी देखने को मिलती है यह ऐसी धरती है जहां भगवान राम ने शिक्षा ग्रहण किया था”.

दैनिक जागरण ज्ञानवृति  के सफल शोधार्थियों के नामों की भी घोषणा की गयी ,ज्ञानवृति के तीन शोधार्थियों के नाम -दीप्ति सामंत रे इलाहाबाद ,नाइस हसन लखनऊ और निर्मल कुमार पांडे बलिया से चुने गये.  दीप्ति सामंत रे को उनके शोध ‘प्रधानमन्त्री जनधन योजना के भारत में वित्तीय समावेशन पर प्रभावों का समालोचनात्मक विश्लेषण’ नाइस हसन को उनके शोध ‘भारत के मुस्लिम में मुता विवाह ,एक समाजिक अध्ययन’ और निर्मल कुमार पांडे को उनके शोध ‘हिंदुत्व का राष्ट्रीयकरण बजरिए हिंदी हिन्दू हिंदुस्तान, औपनिवेशिक भारत में सुमदायवादी पुनरूत्थान की राजनीति और भाषाई-धार्मिक-सांस्कृतिक वैचारिकी का सुद्रढकरण’.के लिए चुना गया .इस उपक्रम में गैर साहित्यिक विषयों में हिंदी में मौलिक शोध करने वाले तीनों शोधार्थियों को नौ महीने तक 75 हज़ार रुपए दिए जायेंगे.