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रांगेय राघव : हिन्दी का शेक्सपीयर

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रांगेय राघव का निधन 39 वर्ष की आयु में मुंबई में सन् 1962 में हुआ था.

उनका मूल नाम टी.एन.बी.आचार्य (तिरूमल्लै नंबकम वीरराघव आचार्य) था.

13 वर्ष की आयु में लेखन की शुरुआत की थी.

150 से अधिक पुस्तकों की रचना अल्प आयु में की.

प्रतिदिन कई सिगरेट पीने का उनका शौक उनकी मृत्यु का कारण बना.

शेक्सपीयर की अनेक रचनाओं को हिन्दी में अनुवादित करने के कारण उन्हें 'हिन्दी का शेक्सपीयर' भी कहा जाता है.

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र, कबीर, तुलसी, बिहारी, आदि के जीवन पर आधारित उपन्यास लिखे.

सम्मान : हिंदुस्तानी अकादमी, डालमिया पुरस्कार, उत्तर प्रदेश शासन पुरस्कार, राजस्थान साहित्य अकादमी पुरस्कार.

जन्म : 17 जनवरी, 1923 को आगरा में रांगेय राघव का जन्म हुआ था.

-समय पत्रिका.  

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