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महादेवी वर्मा : हिन्दी साहित्य की मीरा

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महादेवी वर्मा का निधन 11 सितम्बर 1987 को 80 वर्ष की आयु में इलाहाबाद में हुआ था.

उनके परिवार में लगभग सात पीढ़ियों बाद किसी लड़की का जन्म हुआ था इसलिए उनका नाम घर की देवी या महादेवी रखा गया.

महादेवी वर्मा को आधुनिक हिन्दी साहित्य की मीरा भी कहा जाता है.

सुमित्रानंदन पंत और सूर्यकांत त्रिपाठी निराला उनसे राखी बंधवाते थे.

जबतक महादेवी ने मैट्रिक की परीक्षा की तबतक वे जानी-मानी कवयित्री के रूप में प्रसिद्ध हो चुकी थीं.

महादेवी वर्मा की प्रमुख रचनाओं में अतीत के चलचित्र, क्षणदा, शृंखला की कड़ियाँ, यामा, गिल्लू आदि को कभी भूला नहीं जा सकता.

उनका बाल-विवाह हुआ परंतु अविवाहित की तरह उन्होंने जीवन जीया.

जन्म : 26 मार्च 1907 में उत्तर प्रदेश के फरुखाबाद में उनका जन्म हुआ था.

-समय पत्रिका.  

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