हिन्दी साहित्य में भारतेंदु हरिश्चंद्र

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भारतेन्दु हरिश्चंद्र का जन्म 9 सितम्बर 1850 में वाराणसी में हुआ था.

भारतेंदु को आधुनिक हिन्दी नाटक का जन्मदाता माना जाता है.

1850-1900 का कालखंड हिन्दी साहित्य में भारतेंदु काल कहलाता है.

उन्होंने कविता, नाटक, दोहा, चौपाई, सवैया, छंद आदि विधाओं में लिखा.

35 वर्ष तक की अल्प उम्र में भारतेन्दु ने 72 ग्रंथों की रचना की.

प्रेम माधुरी, अंधेर नगरी, भारत दुर्दशा, कृष्णचरित, प्रेममालिका आदि उनकी प्रमुख रचनाओं में शामिल हैं.

उन्होंने कई पत्र-पत्रिकाओं का सम्पादन भी किया था.

मृत्यु  :  6 जनवरी, सन 1885, वाराणसी, उत्तर प्रदेश.


-समय पत्रिका.  

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हिन्दी साहित्य में भारतेंदु हरिश्चंद्र हिन्दी साहित्य में भारतेंदु हरिश्चंद्र Reviewed by Harminder Singh on September 09, 2015 Rating: 5
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