अंजान : तेरे बिना भी क्या जीना

anjaan-lyricist-bollywood

67 वर्ष की आयु मे 13 सिंतबर 1997 को मशहूर गीतकार अनजान का निधन हुआ था.

गीतकार अंजान का असली नाम लालजी पान्डेय था.

उन्होंने अपने कैरियर की शुरूआत साल 1953 में फिल्म गोलकुंडा का कैदी से की.

अमिताभ बच्चन, मिथुन चक्रवर्ती जैसे कलाकारों की फिल्मों के लिए यादगार नगमे लिखकर उनकी फिल्मों को सफल बनाया.

200 के लगभग फिल्मों के लिये गीत लिखे.

अंजान अपने गीतों में हिन्दी का ही अधिक इस्तेमाल करते थे.

कल्याणजी-आनंदजी के संगीत निर्देशन में अंजान के गीतों ने नए शिखर हासिल किये.

अनजान के पुत्र समीर मशहूर गीतकार हैं.

यादगार नगमे :
खइके पान बनारस वाला
ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना
रोते हुए आते हैं सब
मुझे नौलक्खा मंगा दे रे.


जन्म : अंजान का जन्म 28 अक्टूबर, 1930 को बनारस में हुआ था.

-समय पत्रिका.  

समय पत्रिका के ताज़ा अपडेट प्राप्त करने के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें. 

इ-मेल पर हमसे संपर्क करें : gajrola@gmail.com
अंजान : तेरे बिना भी क्या जीना अंजान : तेरे बिना भी क्या जीना Reviewed by Harminder Singh on September 13, 2015 Rating: 5
Powered by Blogger.