दुर्गा खोटे : अभिनय की दुर्गा

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दुर्गा खोटे का निधन 22 सितंबर 1991 को हुआ था.

1931 में मूक फ़िल्म ‘फरेबी जाल’ में एक छोटी भूमिका से फ़िल्मी सफ़र शुरू किया.

200 के करीब हिंदी-मराठी फ़िल्मों के साथ ही सैंकड़ों नाटकों में भी पांच दशक तक अभिनय किया.

दुर्गा खोटे ने स्टूडियो व्यवस्था को दरकिनार किया तथा एक साथ कई फ़िल्म कंपनियों के लिए काम किया.

1934 में आयी फ़िल्म ‘सीता’ में उनके अभिनय ने उन्हें नयी पहचान दी. उस फिल्म में उनके नायक पृथ्वीराज कपूर थे.

फ़िल्म 'मुग़ल-ए-आजम' में उन्होंने सलीम की मां जोधाबाई की यादगार भूमिका निभाई थी.

दुर्गा खोटे ने लंबे समय तक लघु फ़िल्में, विज्ञापन फ़िल्में, वृत्त चित्रों और धारावाहिकों का भी निर्माण किया.

यादगार फ़िल्में : मुग़ल ए आजम, विदाई, भरत मिलाप, माया मछिन्द्र.

1983 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

1968 में पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया.

1974 में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का फ़िल्मफेयर पुरस्कार दिया गया.

1958 में उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिला.

जन्म : 14 जनवरी, 1905 मुंबई.

-समय पत्रिका.  

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दुर्गा खोटे : अभिनय की दुर्गा दुर्गा खोटे : अभिनय की दुर्गा Reviewed by Harminder Singh on September 22, 2015 Rating: 5
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